गाजा में खाने पीने के ट्रकों को जाने की इजाजत
तकरीब ३ महीने बाद इजराइल ने गाजा में खाने पीने के ट्रकों को जाने की इजाजत दी है इन ३ महीने में पहली बार खाने और जरूरत के सामान को गाजा के लोगो को तक पहुंचाया गया है यह सब इजराइल ने किसी इस्लामिक देश के कहने पर नहीं किया है 57 इस्लामिक देश है इजराइल किसी की बात नहीं मानता है यूरोपीय यूनियन की तरफ से २२ देशों ने इजराइल पर प्रेशर डाला की गाजा में बहुत बुरा हाल है लोगो का भुखमरी फैल रही है इस लिए सहायता को आप अन्दर जाने की इजाजत दे इस के बाद ही बेंजामिन नेतन याहू ने खाने और जरूरत की चीजों के ट्रकों को गाजा में जाने की इजाजत दी है
गाजा में खाने पीने के समान को पहुंचने वाले २२ देशों की लिस्ट
२२ मुल्कों की लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया,कनाडा, डेनमार्क, एस्टोनिया,फिनलैंड,आइसलैंड,आयरलैंड,इटली,जापान, लातविया, लिथुआनियाई, लक्ज़मबर्ग, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नॉर्वे,पुर्तगाल, स्लोवेनिया स्पेन, स्वीडन, जर्मनी औरफ्रांस शामिल है।
कितने ट्रक जाएंगे तो लोगो को गाजा में खाने पीने का सामान बराबर से मिलेगा ?
गाजा के अंदर इस वक्त बीस लाख लोग ऐसे है जिन को खाने पीने के सामान की जरूरत है। UN की तरफ से कहा गया है के यह सिर्फ शुरुआत है. आज जितने ट्रक अन्दर गए है उस से गाजा के लोगो का कुछ भी भला नहीं होगा जब 3 महीने पहले बेंजामिन नेतन याहू ने सहायता रोकी थी तब 600 ट्रक गाजा के अंदर जा रहे थे तब कुछ भला हो पा रहा था इतने ही ट्रक गाजा में जाएंगे तो लोगो को ठीक से खाना पानी मिलेगा।
डोनल्ड ट्रंप की तरफ से नौतन याहू को चेतावनी!
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक डोनल्ड ट्रंप की तरफ से नौतन याहू को चेतावनी दी है कि वह अगर इस युद्ध को नहीं रोकते हैं तो हम आप का साथ नहीं देंगे यह पहली बार ऐसा हुआ है कि अमेरिका की तरफ से इस प्रकार की इजराइल को चेतावनी मिली है बेंजामिन नेतन याहू का कहना है के जबतक हम गाजा को हासिल नहीं करेंगे तब तक हम हमले जारी रखेंगे।
बेंजामिन नेतन याहू की शर्ते
सीक्फायर के लिए बेंजामिन नेतन याहू ने तीन शर्ते रखी है पहली शर्त जबतक हमारे बंधकों रिहा नहीं किया जाता दूसरी के हमास पूरी तरह से गाजा से बाहर हो तीसरा इस वक्त हमास की जो सरकार है वह पूरी तरह से गाजा से खत्म न हो तब तक सीजफायर नहीं होगा
सीजफायर के लिए हमास का क्या कहना है.
हमास का स्टेटमेंट क्या है सीजफायर को ले कर हमास का कहना है कि इजराइल अपनी सेना गाजा से पूरी तरह वापस नहीं लेता हम सीजफायर के लिए राजी नहीं होंगे.तो दोनों भी अपनी जिद पर अड़े हुए है इस तरह देखा जाए तो सीजफायर होना मुश्किल है देखते है आगे क्या होता है।