राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव। बीजेपी में फिर से नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

बीजेपी में फिर से नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव।

बीजेपी में फिर से नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री के अगले हफ्ते दौरे पूरे होने के बाद इंतजार खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान कब होगा?

सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान जून के मध्य में भी हो सकता ही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश में लगे दौरे खत्म होते ह अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।30 जून को आखिरी डेडलाइन माना जा रहा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के उत्तराधिकारी को लेकर
बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के अनुसार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश में लगे दौरे खत्म होते ही अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगा। संघ और बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि 30 जून अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो जाएगा। जून महीने में ही नौ तारीख को पीएम मोदी तीसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा करेंगे। पीएम मोदी ने जून को शपथ ग्रहण की थी। बतौर प्रधानमंत्री वह 11 साल पूरे कर चुके हैं। पहली बार उन्होंने शपथ 26 मई को ली थी।

बीजेपी अध्यक्ष के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान के नामों की चर्चा है। एक सूत्र ने कहा कि राजनाथ सिंह और गडकरी दोनों ही 10 साल पहले अध्यक्ष रह चुके है शिवराज सिंह चौहान ने कृषि मंत्री के तौर पर अच्छा काम किया है। ऐसे में उन्हें संगठन में लाए जाने की उम्मीद बेहद कम है।

शिवराज सिंह चौहान लंबे दो दशक से सरकार में हैं। ऐसे में उनका संगठन का अनुभव काफी पुराना हो चुका है। ऐसे में पार्टी के द्वारा अंडर 60 वाले किसी ओबीसी नेता के नाम पर मुहर लागने की उम्मीद की जा रही है। इन दिग्गजों के अलावा अन्य जो नाम हैं। उनमें मनोहर लाल, बीएल संतोष, प्रहलाद जोशी, जी किशन रेड्डी, के अन्नामलाई
के नाम भी शामिल हैं। महाराष्ट्र से विनोद तावड़े का
नाम भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के संभावितों में शामिल है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऐलान में क्यूं हो रही देरी ?

राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऐलान में हो रही देरी के पीछे यह दावा किया गया था कि संघ से सहमति नहीं बन पा रही है, हालांकि संघ के करीबी इस दावे को नकार रहे हैं, ऐसे में ऐसे चेहरे को ही कमान मिलेगी जो न सिर्फ ऊर्जावान हो, बीजेपी के अब तक के इतिहास में कभी भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए मतदान की स्थिति नहीं आई है। हर बार निर्विरोध ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हुआ है। इस बार भी यह परंपरा कायम रहने की पूरी उम्मीद है।

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