सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद NEET PG 2025 की परीक्षा सिंगल शिफ्ट में ही आचरण होनी है!
NEET PG 2025:लेकिन क्या NBE 15 जून तक अपनी सारी अरेंजमेंट करके सिंगल शफ्ट में परीक्षा को करा पाएगी? इसे ही हम आज समझने की कोशिश करेंगे सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखें तो सुप्रीम कोर्ट ने ये कहा है कि दो शिफ्ट में परीक्षा कराने की कोई ज़रूरत नहीं है क्योंकि दो शिफ्ट में जब परीक्षा होती है दो तरह के सवालिया पेपर मिलते हैं उनकी कठिनाई स्तर अलग अलग होती है!कहीं न कहीं ये अनुचित होता है!
NEET PG 2025:ढाई लाख छात्रा के लिए परीक्षा को सिंगल शिफ्ट में आचरण कराना NBE के लिए कोई बड़ी बात नहीं होनी चाहिए और स्पष्ट रूप से उन्होंने कहा है
कि परीक्षा को सिंगल शिफ्ट में ही कराना होगा
अब NBE के सामने चुनौती क्या आती है NBE के सामने में सबसे बड़ी चुनौती है आधारभूत संरचना की पहले की तारीख के अनुसार जो वर्तमान दिनांक है उसके अनुसार 15 जून को परीक्षा संचालन होनी है
इससे पहले जब NBE दो शिफ्ट में परीक्षा को
आचरण कराने जा रही थी तो NBE ने कुल 900 केंद्र आवंटित किये थे लेकिन फिर जब इसे सिंगल शिफ्ट में आचरण होना है ज़ाहिर तौर से जो आधारभूत संरचना है उसे बढ़ाना पड़ेगा NBE को केंद्रों की संख्या लगभग दोगुनी लगभग 1700 से 1800 केंद्र यानी कि लगभग 8 से 900 केंद्र बढ़ाने होंगे
TCS को किस तरह से तैयारी करनी होगी।
केंद्र के अलावा भी अगर हम देखे तो निरीक्षक बढ़ाने होंगे तकनीकी अवसंरचना और सर्वर लोड की योजना करनी होगी TCS जो की ऑनलाइन परीक्षा विक्रेता है उनको भी इस तरीके के परीक्षा की तैयारी के लिए कम से कम 4 से 6 सप्ताह तो लग ही जाते हैं मतलब एक से डेढ़ महिना तो लग ही जाता है ये सारी चीजें ये सारी योजना होने के बाद भी उनको आधारभूत संरचना में बायोमेट्रिक सेटअप करना पड़ेगा!
और जो बाकी की चीजें है जैसे की कर्मचारी वगेरा
वो भी व्यवस्था करनी होगी तो अगर हम देखे तो किस तरीके की व्यवस्था करने में जब TCS को खुद ही 4 से 6 सप्ताह लगती है तो संभव है कि
किसी 15 दिन के समय में जो एक कड़ा कार्यक्रम है इस 15 दिन के समय में NBE ये चीज प्राप्त कर पाएगी!
सबसे अधिक संभावना ये ऐसा लगता नहीं है
कि ऐसा प्राप्त कर पाएगी अगर NBE बहुत ज़ादा भाग्यशाली हो तब ही जाकर के वो15 जून को परीक्षा संचालन करा पाएगी अन्यथा अगले सप्ताह तक हमारे पास ये जानकारी आ सकती है कि परीक्षा को स्थगित किया जा सकता है ज़ाहिर तौर से जो स्थगित करना होगी वो एक से देड़ महिने तक स्थगित हो सकती है जो सबसे अधिक सम्भावना है कि जुलाई, मध्य या अगस्त पहला सप्ताह, दूसरा सप्ताह तक में परीक्षा को आचरण कराया जा सकता है
अब इस पे विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि ये 15 दिन में जो परीक्षा को आचरण कराने का
जो समय है और अंतिम क्षण पे जा कर के जब
योजना को पूरी तरहा परिवर्तन करना और फिर 15 दिन में पूरा बुनियादी ढांचे में बदलाव करना ये संभव नहीं होता है
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट का क्या स्टैंड है सुप्रीम कोर्ट ने सीधा सीधा बोला है कि इंडिया में तकनीकी की कमी नहीं है NBE चाहे तो इस परीक्षा को आचरण करा सकती है इंडिया में तकनीकी की कमी नहीं है और इस NBE को ऐसा प्रणाली बनाना होगा कहीं पे भी योजना का अभाव के वज़े से NBE परीक्षा में देरी करने का बहाना नहीं दे सकती ये सुप्रीम कोर्ट का मानना है
अब छात्र क्या उम्मीद कर सकते हैं,जाहिर है छात्रों की जो उम्मीद है और हमारी जो उम्मीद है वो ये है
कि सबसे अधिक संभावना परीक्षा स्थगित कर दिया जाना चाहिए लेकिन आपको स्थगन को लेकर के अभी जादा नहीं सोचना है.हो सकता है अगले सप्ताह तक कुछ आधिकारिक सूचना आ जाए
क्योंकि ये 15 दिन के समय के अंदर15 दिन जो अवधि अभी बची हुई है इसमें ये संभव नहीं है
कि आप पूरी योजना को आपको योजना दुबारा करनी होगी और दुबारा से आप इंफ्रास्ट्रक्चर और पूरी व्यवस्था आप फ़िर से तैयारी कर पाओ ये इसकी संभावनाएं बहुत कम लगती है तो हो सकता है कि परीक्षा को एक से देड़ महीने आगे बढ़ाया जा सकता है
NEET PG 2025 विद्यार्थियों को किस तरह से तैयारी करनी है।
अब जब परीक्षा को एक से देड़ महीने आगे बढ़ाया जा सकता है ये जब आधिकारिक सूचना आएगी तो ज़ाहिर तौर से तब ही आपको विश्वास करना है अभी आपको ये मान के चलना है कि 13 जून को ही परीक्षा होगी अगर ऐसा होता है कि परीक्षा आगे स्थगित होती है तो ज़ाहिर तौर से जो इंटर्नशिप समापन तारीख है उसे भी बढ़ाया जा सकता है और आवेदन फार्म को एक बार फिर से खुला किया जा सकता है जिससे कि जो इंटर्नशिप समापन तारीख बढ़ाने केवज़े से जो नए छात्र पात्र होंगे उनको मौका दिया जा सके कि वो आवेदन पत्र भरें
और नीट पीजी में हिस्सा लेना चाहें तो वो कर सकते हैं!
सिंगल शिफ्ट परीक्षा का फैसला आया है सुप्रीम कोर्ट के द्वारा इससे फ़ायदा क्या है विद्यार्थी को
सरल सरल फ़ायदा अगर हम देखें सभी विद्यार्थी के पास एकल पेपर होगा जो समान स्तर का होंगा बिलकुल अनुचित होने का अवसर जो है वो इसमें
तो है ही नहीं,सामान्यीकरण विधि इसमें कार्यान्वयन नहीं किया जाएगा भ्रम जो 2024 में था वो भ्रम नहीं रहेंगेजो उतार चढ़ाव हम को रैंक में देखने
को मिलता था वो उतार चढ़ाव कम हो जाएगा!